NEET पेपर लीक की जांच अब पकड़ेगी रफ्तार, CBI को केस सौंपेगी बिहार EOU

NEET पेपर लीक की जांच अब पकड़ेगी रफ्तार, CBI को केस सौंपेगी बिहार EOU

नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच शुरू हो जाने के बाद अब बिहार की जांच एजेंसी ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) अपनी तफ्तीश को विराम देगा। केंद्रीय जांच एजेंसी के पास मामला जाने से पेपर लीक कांड से जुड़े तार बिहार समेत जिन भी राज्यों में फैले हुए हैं, उनका खुलासा एक साथ हो सकेगा। जानकारी के अनुसार, जल्द ही सीबीआई की विशेष टीम दिल्ली से पटना आएगी। ईओयू से कार्रवाई की अपडेट स्थिति के साथ ही साक्ष्य प्राप्त करेगी। इस मामले में पटना के शास्त्री नगर थाना में दर्ज एफआईआर संख्या- 358/2024 को भी सीबीआई अपने हाथ में लेगी। इस बीच ईओयू को कोई अहम सुराग हाथ लगा, तो उसे सीबीआई के साथ साझा करेगी।

वहीं इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से संबंधित अधिसूचना बिहार सरकार के गृह विभाग ने जारी कर दिया है। गृह विभाग के सचिव द्वारा रविवार शाम जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (1946 का अधिनियम 25) की धारा-6 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल इस पर अपनी सहमति प्रदान करते हैं। नीट परीक्षा में बरती गई अनियमितता को लेकर पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है।

इसके तहत पटना के शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 358, दिनांक 05.05.2024 की जांच-पड़ताल अब सीबीआई करेगी। बिहार के अलावा इस मामले के तार अन्य स्थानों से जुड़े हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मामले को समुचित जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाता है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 407, 408, 409, 120 समेत अन्य लगाई गई है।

शिक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप चुकी ईओयू

नीट पेपर लीक मामले में ईओयू के स्तर पर अब तक की गई जांच को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की थी। इसके मद्देनजर ईओयू ने शनिवार (22 जून) को ही मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें 5 मई से लेकर अब तक नीट पेपर लीक मामले में जो भी कार्रवाई की गई है और जितने लोगों की गिरफ्तार हुई है, उन सभी का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। साथ ही जिन 13 लोगों से पूछताछ हुई है उनके बयान भी शिक्षा मंत्रालय को साझा किए गए हैं। समझा जा रहा है कि इस रिपोर्ट का मंत्रालय के स्तर से अध्ययन करने के बाद ही सीबीआई जांच का निर्णय लिया गया है। ताकि कई राज्यों में फैले इसके रैकेट का पर्दाफाश हो सके। 

नीट पेपर लीक में अबतक क्या-क्या हुआ?

नीट के एक दिन पहले 4 मई की रात प्रश्न-पत्र कुछ व्हाट्सएप ग्रुप पर पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली। पटना स्थित खेमनी चक के लर्न्ड प्ले स्कूल एंड ब्यॉज हॉस्टल में अभ्यर्थियों को जमा कर उत्तर रटवाने की जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई।

इस दौरान 13 संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई और कई दस्तावेज जब्त किए गए। पेपर लीक की पुष्टि हुई। जांच के लिए पटना एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई। तकनीकी सहायता के लिए ईओयू को रखा गया।

पटना के शास्त्री नगर थाना में एफआईआर दर्ज की गई, जिसका नंबर 358/2024 है। इसमें 13 को नामजद अभियुक्त बनाया गया। इसमें कनीय अभियंता सिकंदर प्रसाद यादवेंदु समेत अन्य लोग शामिल हैं।

10 मई को इस मामले की जांच ईओयू को सौंप दी गई। एसपी मदन कुमार आनंद के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन कर पूरे मामले की तफ्तीश शुरू की गई। 

17 मई से विधिवत ईओयू ने जांच शुरू की। इसके बाद से ईओयू के स्तर से बिहार से लेकर झारखंड में अनेक स्थानों पर लगातार छापेमारी की गई।

22 जून को ईओयू ने 6 आरोपितों को देवघर से गिरफ्तार किया।  इसमें अहम सूत्रधार चिंटू कुमार समेत उसके अन्य सहयोगी हैं।

23 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले की तफ्तीश का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया।

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